शुभ संकेत/बिलासपुर:-बिलासपुर नगर निगम कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 के बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू पर लीज नवीनीकरण का काम जल्द कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
दरअसल, राजकिशोर नगर निवासी अजीत शुक्ला ने एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अजीत शुक्ला ने राजकिशोर नगर में स्थित एक मकान को खरीदने का सौदा किया था। मकान की लीज अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसके चलते रजिस्ट्री से पहले लीज नवीनीकरण के लिए नगर निगम में आवेदन दिया गया था।
जुलाई 2026 में आवेदन जमा करने के बाद जब आवेदक काम की प्रगति जानने निगम कार्यालय पहुंचा, तो संपदा शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 लक्ष्मीकांत कोका द्वारा काम जल्द कराने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायत की गई।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने 25 सितंबर 2026 को ट्रैप की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान नगर निगम कार्यालय में बाबू लक्ष्मीकांत कोका को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसीबी की कार्रवाई के बाद आरोपी बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के बाद रिश्वतखोरी के खिलाफ एसीबी की सख्ती एक बार फिर सामने आई है।



