श्रम प्रहरी बन अपंजीकृत संस्थानों की दे जानकारी और श्रमिक कल्याण में करें योगदान

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अनूपपुर 05 जून 2026/ कारखाना अधिनियम 1948 एवं भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित कार्यदशाएं एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। श्रमिकों के हितों के संरक्षण एवं उनको कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए यह आवश्यक है, कि सभी संस्थानों एवं निर्माण स्थलों का पंजीयन श्रम विभाग अंतर्गत अनिवार्य रूप से हो।

कारखाना अधिनियम 1948 यह प्रावधानित करता है, कि ऐसा कोई भी परिसर जहां 20 या अधिक श्रमिक विद्युत शक्ति के साथ अथवा या अधिक श्रमिक बिना विद्युत शक्ति के विनिर्माण कार्य में नियोजित है, उसे मुख्य कारखाना निरीक्षक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 के तहत नियोजक का यह दायित्व है, कि वह निर्माण कार्य प्रारभ करने से पूर्व निर्माण कार्य की सूचना अनिवार्य रूप से श्रम विभाग को उपलब्ध कराए।

यह जानना आवश्यक है, कि पंजीकरण न होने की स्थिति में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ श्रमिकों को नहीं मिल पाता है। नियोजको का यह दायित्व ऐसी स्थिति में श्रमिक कल्याण हेतु है, कि समस्त संस्थाओं का पंजीयन किया जाए।

पंजीयन नहीं होने की स्थिति में होगी दंडात्मक कार्यवाही

कारखाना अधिनियम-1948 के अंतर्गत पंजीयन नहीं होने की स्थिति में नियोजक को अधिकतम 1 लाख का जुर्माना या 2 वर्ष तक की कारवास या दोनों की कार्यवाही की जा सकती है। इसी प्रकार निर्माण स्थलों का पंजीयन नहीं कराए जाने पर 2 हजार रूपए का जुर्माना या 3 माह तक कारावास या दोनों की कार्यवाही की जा सकती है।

इस प्रकार, दंडात्मक कार्यवाही से बचाने के लिए सभी नियोजक अपनी संस्था एवं निर्माण कार्य का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें।

श्रम प्रहरी के रूप में अब आमजन भी दे सकेंगे अपंजीकृत संस्थानों की सूचना

श्रम विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा आम नागरिकों की सुविधा एवं निर्माण कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान में प्रचलित एवं पंजीकृत निर्माण कार्यों एवं अति खतरनाक और अन्य कारखानों की ऑनलाइन जानकारी श्रम विभाग के पोर्टल https://labour.mp.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है।

किसी भी अपंजीकृत स्थल पर कार्य संचालित पाया जाता है, तो श्रम प्रहरी के रूप में आम नागरिक इसकी सूचना श्रमिक हेल्पलाइन नंबर- 1800 233 8888 पर दे सकते हैं। नागरिकों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर संबंधितो पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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