भोपाल,— नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त श्री संकेत भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध लंबित जांच प्रकरणों में कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। विभाग द्वारा वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि एवं आय हड़पने तथा कोरोना काल में सामग्री क्रय में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को दंडित किया गया है।
नगर परिषद जैतहरी, जिला अनूपपुर में कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन अवधि में सामग्री क्रय में अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन भंडार प्रभारी श्री मोहित शर्मा की चार वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं। इसी मामले में तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक लेखपाल श्री रजनीश लहंगीर एवं तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी श्री संजीव राठौर की भी चार वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई की गई है।
जैतहरी में ही शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि एवं आय हड़पने के मामले में राजस्व निरीक्षक श्री अवधेश बीझी को दोषी मानते हुए उनकी दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं। इसी प्रकरण में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री भूपेंद्र सिंह की आगामी दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने की कार्रवाई की गई है।
नगर परिषद जैतहरी में भूमि संबंधी अनियमितताओं के मामले में तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री राम मिलन तिवारी को दोषी पाए जाने पर, उनके सेवानिवृत्त होने के कारण देय पेंशन की 10 प्रतिशत राशि स्थायी रूप से रोक दी गई है। वहीं कोरोना काल में सामग्री क्रय में अनियमितता के एक अन्य मामले में श्री तिवारी की पेंशन की 20 प्रतिशत राशि स्थायी रूप से रोकने की कार्रवाई की गई है।
विकास एवं आवास विभाग आयुक्त श्री संकेत भोंडवे द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासकीय कार्यों में अनियमितता, वित्तीय गड़बड़ी एवं लापरवाही के मामलों में दोषियों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


