अनूपपुर महेश प्रजापति जिला ब्यूरो की रिपोर्ट


महिलाओं के लिए जब से सुरक्षा कानून लागू हुआ तब से कुछ महिलाओं ने इस कानून को ब्रह्मास्त्र बना डाला है छोटे मोटे झगड़ों और पति से मन भर जाने के बाद पत्नियों ने पतियों पर झूठा मुकदमा दर्ज करने के मामलों पर रिकार्ड दर्ज करवा डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है,इस कानून में शोषणकारी व्यवस्था को जन्म देती पुलिस कर्मी भी पीछे नहीं रहते हैं मामला पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत अहिरगवा पंचायत के पिपरहा टोला का है जहां पर आदिवासी बैगा जनजाति के लोग निवास करते हैं पीड़ित पति शंकर लाल बैगा अपनी पत्नी के छोटे मोटे झगड़ों और बीच बीच में पति शंकर लाल बैगा के ऊपर पत्नी श्याम बती द्वारा हाथ छोड दिया जाता था तथा मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का कृत्य किया जाता था पीड़ित पति ने सामाजिक रूप से सरपंच ,उपसरपंच, सचिव तथा गांव के बड़े बुजुर्गो के बीच बात रखी जिसमें पत्नी श्याम बती बैगा को समझाइश दी गई थी लेकिन श्याम बती बैगा आशा कार्यकर्ता होने के चलते अपने पति शंकर लाल बैगा से अच्छे बात नहीं करती थी तथा मा बहन की गालियों की बौछार भी कर देती थी पति ने परेशान होकर पहले नजदीकी चौकी सरई में शिकायत दर्ज करवाने जाता तो उल्टा उसे ही डांट दपट कर भगा देते थे,चौकी में उपस्थित पुलिस कर्मी पति की बात को न सुनकर पत्नी श्याम बती बैगा की बात को सुनकर पति शंकर लाल बैगा के ऊपर ही मामला दर्ज कर दिये इतना ही नहीं पीड़ित पति के पिता से चौकी में उपस्थित आरक्षक रामप्रसाद मरावी द्वारा डरा धमका कर पैसा भी ले लिया गया कि मामले को हम निपटा देंगे पहले दस हजार रूपयों कि थी मांग , लेकिन पांच हजार रुपए भी लेने के बाद पीड़ित पति के ऊपर ही मामला दर्ज कर दिया गया और फोन लगाकर बार बार परेशान किया जाता था कि अपनी जमानत करवा लो थाने आ जाओ बिना नोटिस के इतना ही नहीं पत्नी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित पति शंकर लाल बैगा के सूने मकान में डाका डालकर दो पहिया वाहन,राशन बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र तथा पति के जरूरी दस्तावेजों को लेकर अपने घर ले गई जब पीड़ित पति सरई चौकी गया रिपोर्ट लिखवाने तो पुलिसकर्मी रामप्रसाद मरावी तथा चौकी प्रभारी मंगला दुबे ने उसकी रिपोर्ट लिखने की जगह समान ,वाहन ,तथा जरूरी दस्तावेजों दिलाने का झूठा आश्वासन देकर उसके ऊपर मुकदमा दर्ज कर दिया जब पीड़ित पति शंकर लाल बैगा को आरक्षक रामप्रसाद मरावी द्वारा बार बार फोन करके पैसे मांगने लगे तो पूछने पर कहते हैं कि साहेब मंगला दुबे जी का बचा है पांच हजार रुपए,वह कब दोगे नहीं तो विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हो जायेगा तुम्हारी पत्नी को हम समझा रहे हैं सरई पुलिस चौकी प्रभारी और आरक्षक के कारनामों से लेकर पत्नी श्याम बती बैगा के धमकियों से तंग आकर पीड़ित पति ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक के पास लिखित शिकायत के माध्यम से लगाई गुहार,अब देखना होगा कि खबरें प्रकाशित होने के बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारी अपने भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं या फिर पत्नी श्याम बती बैगा(आशा कार्यकर्ता)के द्वारा रचे झूठे षड्यंत्र तथा भ्रष्ट पुलिस कर्मियों के जाल का निशाना बनेगा


