भारतीय जनता पार्टी की सरकार में नहीं है बच्चे सुरक्षित विकास की दौड़ पर शिक्षक हुए रंगरसिया, जिम्मेदार बने धृतराष्ट्र* 


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जिला ब्यूरो महेश प्रजापति की रिपोर्टपुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अनूपपुर जिले में चर्चा का विषय बना रहता है और सुर्खियां बटोरने में पीछे नहीं रहता है अनूपपुर जिले में प्रेम प्रसंग का विषय हमेशा से पुष्पराजगढ़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय और अनूपपुर मुख्यालय में तुलसी महाविद्यालय यह दोनों अपने रासलीलाओं के लिए जाने जाते हैं,शिक्षा के मंदिर में प्रकांड विद्वान पंडितों का चेहरा ऐसे सामने आते हैं जिसे देखकर आप कह सकते हैं कि हां हमारा देश बदल सा चुका है अब शिक्षा के साथ साथ प्रेम का प्रयोग शाला भी तैयार किया जा रहा है एक तरफ देश में शिक्षकों को भविष्य निर्माता के रूप में देखा जाता है लेकिन कुछ मानसिक रोगी शिक्षक यादि महाविद्यालय में बड़े पद पर पहुंच जाए तो कुछ ऐसी तस्वीरें निकाल कर सामने आ जाती है जिससे शिक्षक और शिक्षार्थियों की भविष्य दांव पर लग जाती है और इश्क की बीमारी पूरे भविष्य को असुरक्षित कर देती है मां बाप अपने बच्चों को अच्छे भविष्य के लिए शिक्षा के मंदिर में भेजते हैं ताकि एक बेहतर विकल्प मिल सके और एक मजबूत नींव से हमारे बच्चों को कभी जीवन की कठिनाइयां न झेलनी पड़े लेकिन पुष्पराजगढ़ स्नातकोत्तर महाविद्यालय की तस्वीरें देखकर यह लग रहा है कि यह शिक्षा का मंदिर कम कामसूत्र का मंदिर बनने की कगार पर पहुंच चुका है तस्वीरों के सामने आने के बाद महाविद्यालय में छात्रसंघ और छात्राओं में काफी रोष है उनकी मांगे हैं कि मटुक नाथ को महाविद्यालय से हटा देना चाहिए तथा सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में फिर कोई रंगरसिया पैदा न हो और अगर शासन प्रशासन रंगरसिया को चाहती है तो सड़कों पर आंदोलन करते हुए छात्रसंघ दिखायेगा कि लड़ाई अब अपने अधिकारों और आत्मसम्मान के लिए कैसे लडी जाती है


