
भोपाल l जिस स्वास्थ्य विभाग पर प्रदेश की जनता के जीवन की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण जनता की जान का दुश्मन बन गया है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि छिंदवाड़ा में जहरीले खांसी के सिरप के कारण 28 मासूमों की मौतों के बाद भी कमीशन के लालच में इस जहरीले सिरप को प्रदेश के लाखों मासूमों को पिलाया जाता रहा है l इतना ही नहीं, हाल में जबलपुर की लैब से आई जाँच रिपोर्ट में इस सिरप सहित दस दवाओं को अमानिक पाया गया है l जबकि यह दवाएं पिछले एक साल से प्रदेश के मरीजों को वितरित हो रही हैं l इन दवाओं में दर्द निवारक, पैरासिटामोल, इंजेक्शन, खून साफ करने वाली दवाएं, खांसी का सिरप आदि की दवाएं शामिल हैं l
माकपा नेता ने कहा है कि भलें ही अब इन दवाओं पर रोक लगा दी गई है, लेकिन पिछले एक साल में लाखों मरीज तो इन दवाओं का सेवन कर चुके हैं l न जाने उनके जीवन के साथ क्या खिलवाड़ हुआ होगा l इस भ्रष्टाचार और प्रदेश की जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ के लिए सिर्फ प्रशासनिक स्तर का भ्रष्टाचार ही जिम्मेदार नहीं है बल्कि भाजपा सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को सरक्षण देना भी जिम्मेदार है l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि ज़ब दवाओं का स्टॉक छः महीने का बाकी हो तभी नई दवाओं का आर्डर कर उनके सैंपल की जाँच करवाकर दवाएं खरीदना चाहिए, लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त स्वस्थ विभाग ऐन वक़्त पर आर्डर देकर कंपनियों की जाँच के भरोसे दवा का वितरण शुरू कर देता है l प्रदेश की लेबोरेटरी में एक साल बाद ज़ब जाँच रिपोर्ट आती है, तब तक लाखों मरीजों को यह अमानक दवाएं वितरित हो कर उनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर चुकी होती हैं l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव ने कहा है कि स्वस्थ विभाग की जर्जरता की स्थिति यह है कि 10 मई को भिंड में मदर्स डे पर अस्पताल में अपने बच्चों को दूध पिला रही सात महिलाओ पर छत का सीमेंट गिरने से दो महिलाएं घायल हो गई हैं l
माकपा ने प्रदेश के नागरिकों के साथ खिलवाड़ करना बंद करने और इस भ्रष्टाचारियों को सजा दिलाने के लिए उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है l


