
मालखरौदा, जिला सक्ती। धर्म की अधर्म पर, सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय के प्रतीक विजय दशमी पर्व के अवसर पर आज ग्राम पंचायत मालखरौदा में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। रात्रि 8 बजे रावण के पुतले का दहन होगा। इसके पश्चात रात्रि में डांस कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जो उत्सव के आकर्षण का केंद्र रहेगा।
विजय दशमी का पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। रावण दहन के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया जाता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य, धर्म और अच्छाई की ही होती है। यह पर्व लोगों को अहंकार, अन्याय और असत्य का त्याग कर सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
रावण दहन के बाद होगा डांस कार्यक्रम
ग्राम पंचायत मालखरौदा में विजय दशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के बाद रात्रि में डांस कार्यक्रम भी रखा गया है। धार्मिक परंपरा के साथ सांस्कृतिक मनोरंजन का यह आयोजन पर्व के उत्साह को और बढ़ाएगा। रावण दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा, वहीं डांस कार्यक्रम से उत्सव में सांस्कृतिक रंग देखने को मिलेगा।
विजय दशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने और समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव तथा एकता बनाए रखने की प्रेरणा भी देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर सत्य और न्याय का साथ देना ही इस पर्व की वास्तविक भावना है।
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं पंचगण का उल्लेख
ग्राम पंचायत मालखरौदा की सरपंच सावित्री रंजीत अजगललै एवं पंचायत सचिव श्री बसंत कुमार भारती हैं। पंचायत के पंचगण में शीत कुमार सोनवानी, तारकेश्वर जायसवाल, पद्मा कर्ष, चैनबाई यादव, मधुसुदन सिदार, माधुरी जायसवाल, महेश्वरी बंजारे, अनुप अग्रवाल, कुसमा साहू, उर्मिला सिदार, यमुना कुर्रे, अंतकुमारी सोनवानी, रविन्द्र रात्रे, रत्ना भारद्वाज, प्रमोद बंजारे, रामेश्वरी भारद्वाज, बबीता रात्रे, विमला मिरी एवं गुरुचरण कुर्रे के नाम शामिल हैं।
धर्म और अधर्म के बीच विजय का संदेश
विजय दशमी का यह पावन पर्व समाज को बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने, सत्य का साथ देने और सकारात्मक विचारों को अपनाने का संदेश देता है। ग्राम पंचायत मालखरौदा में आज रात्रि 8 बजे होने वाला रावण दहन और इसके बाद आयोजित डांस कार्यक्रम पर्व के उत्साह को और बढ़ाएगा।
विजय दशमी का संदेश है—बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और धर्म की ही होती है।
जय श्रीराम!


