


अनूपपुर जिला ब्यूरो महेश प्रजापति का रिपोर्ट जिले के जैतहरी जनपद पंचायत के अंतर्गत बीड पंचायत में हो रहे निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की कहानी में एक नया मोड़ आ चुका है जहां अगर कोई जा के देखें तो उसे भी विकास पुरुषो और जननीयो का नाम इस कदर उजागर होगा कि लोग सोच में पड़ जायेंगे कि यह क्या हो रहा है और सोच में पड़ जाएंगे कि
बीड पंचायत में रोजगार सहायक नरेंद्र दि्वेदी और सरपंच व इंजीनियर के मिली भगत जुगलबंदी ने भ्रष्टाचार की कहानी को नया आयाम तक पहुंचा दिया है साथ ही दोनों ने इतिहास रच दिया है जबकि निर्माण एंजेसी बीड पंचायत है लेकिन सरताज बने हर काम में अपना हिस्सा चाहिए काम चाहे कुछ हो या न हो या फिर गुणवत्ता विहीन हो, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नकटी जलाश्यबाध में माफियाओं को दिया गया ठेका, जिनका संबंध साथ निकल के आ रहे हैं यह तो के गाथा है फिर इनका एक साथी बीड पंचायत के रोजगार सहायक नरेंद्र दि्वेदी जो वर्तमान सचिव प्रभारीगरीब है ,,,, नौकरी भर्ती के समय दिये थे जानकारी लेकिन नौ हजार रुपए की तनख्वाह वाले करोड़ों के आसामी निकले,सड़क के किनारे पचासों लाख का बंगला ,तीन एकड़ से जायादा जमीन हर तीन महीने में गाड़ी बदली जाती है कहा से आता है
है रूपया , क्या इनके पास कोई अलीबाबा का चिराग है जिसे घिसते ही भ्रष्टाचार का रूपया बरसने लगता है या फिर यह रोजगार सहायक हवा खा कर जी रहे हैं यहां पचास हजार रुपए कमाने वाले को भी कम पड़ता है पैसा लेकिन इनके सौख देखकर लोगों को लगेगा कि काश हम भी रोजगार सहायक होते हैं लेकिन नाम दि्वेदी होने कि वजह से अभय दान मिलता है यादि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन इनकी कार्यों की और संपत्ति की जांच करे तो भ्रष्टाचार की जिन्न निकलने को मजबूर हो जाएगा
चलिए दिखाते हैं तस्वीरें भ्रष्टाचार की कहानी का
बंजर टोला में बन रही पीसीसी सड़क बिना बेस के जमीन पर ही ढलाई किया गया लाखों का सड़क ,पंच अमृता को कुछ नहीं पता कि सड़क गुणवत्ता विहीन को कहती हैं कि काम हो रहा है और बढ़िया सड़क हैं पहले कभी भी ऐसा सड़क नहीं बना पाए कोई सरपंच ,जैसा कि हम लोग बना रहे हैं निर्माण एंजेसी मौके से नदारत रोजगार सहायक नरेंद्र दि्वेदी और सरपंच
सरपंच क्या कहते हैं कि मैं रोजगार सहायक नरेंद्र दि्वेदी को और पंचों को सौंप दिया हूं जैसा बनाना चाहते हैं बनाए ,सड़क सब जगह बन जाए हमारा मकसद निर्माण पूरा हो जाए ,
कल चाहे जांच में,सब गुणवत्ता विहीन निकल जाए किसी को मतलब नहीं ,बीड पंचायत किनारे होने के नाते सब अलीबाबा और चालीस चोरों की कहानी बनाते हैं और अपने आप को हरिश्चंद्र बताते हैं जबकि हकीकत में इनकी कारगुजारियों की तस्वीर नजर आती है उसे देखते लगेगा कि क्या इसी दिन के लिए हमने भ्रष्टाचारियों को सत्ता सौंप दिया,,जिसमें एक सरपंच एक रोजगार सहायक नरेंद्र दि्वेदी विकास कार्य में व्याप्त भ्रष्टाचार करक जो अपना तिजोरी भरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं साथ ही गुंडा राज की उदहारण देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं संपादक की कलम से और खुलासा होगा


