प्रशासन फेल: पालिका के नल शोपीस, अब पार्षद के घर से पानी भरने को मजबूर पूरे वार्ड के लोग
कलेक्टर और पालिका को कई बार ज्ञापन, पर अब तक कोई निवारण नहीं; जनता में आक्रोश
शुभ संकेत/बाकी मोंगरा / पुरेना: -नगर पालिका परिषद बाकी मोंगरा के गठन को एक साल बीत जाने के बाद भी वार्ड क्रमांक 1 (ग्राम पुरेना) विकास की मुख्य धारा से कोसों दूर है। आज भी यहाँ के नागरिक पानी की एक-एक बूंद, स्ट्रीट लाइट और जर्जर सड़कों जैसी मूलभूत समस्याओं से गंभीर रूप से जूझ रहे हैं। बार-बार की लिखित शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
तालाब का, गंदा पानी पीने की मजबूरी वार्डवासी
वार्ड में जल संकट इस कदर गहरा गया है कि नगर पालिका परिषद द्वारा लगाए गए टैप नलों से पानी की एक धार तक नहीं निकल रही है। पालिका की इस विफलता के बीच, अब वार्ड क्रमांक 1 के पार्षद के घर से पूरे वार्ड वासियों को पानी का वितरण किया जा रहा है। पार्षद के व्यक्तिगत प्रयासों से जैसे-तैसे लोगों की प्यास बुझ रही है, लेकिन पूरे वार्ड के लिए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। मजबूरन कई लोगों को गांव के बेहद गंदे और दूषित तालाब के पानी का उपयोग नहाने और पीने के लिए करना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
मुख्य मार्ग पर पसरा अंधेरा, जर्जर सड़कों से हादसे का डर
बाकी मोंगरा से दीपका को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इसी पुरेना वार्ड से होकर गुजरता है। इस अत्यंत व्यस्त और मुख्य मार्ग होने के बावजूद ग्राम क्षेत्र में एक भी स्ट्रीट लाइट (सड़क बत्ती) नहीं लगाई गई है। रात होते ही पूरा वार्ड अंधेरे के आगोश में समा जाता है। इसके साथ ही वार्ड की अंदरूनी सड़कों की हालत इतनी ज्यादा गंभीर और जर्जर है कि यहाँ से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है, जिससे आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है।
सवालों के घेरे में जिम्मेदार: क्या केवल कागजों पर है नगर पालिका?
इस बदहाली को लेकर वार्ड पार्षद और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा नगर पालिका परिषद के अधिकारियों सहित जिला कलेक्टर को भी कई बार लिखित में ज्ञापन सौंपा जा चुका है। लेकिन विडंबना देखिए कि शासन-प्रशासन के स्तर पर अब तक इस समस्या का कोई निवारण नहीं निकाला गया है।
हमारी खबर का असर: अब जनता मांग रही है जवाब
सीएमओ (CMO) मैडम के द्वारा इस घोर लापरवाही और पानी-बिजली की समस्या पर क्या तत्काल कड़ा एक्शन लिया जाएगा?
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अपने कार्यकाल का 1 साल बीतने के बाद अब इस पीड़ित वार्ड के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाएंगे?
जिला कलेक्टर महोदय इस प्रशासनिक उदासीनता का संज्ञान लेकर कब तक वार्ड-1 पुरेना के वासियों को इस नारकीय जीवन से मुक्ति दिलाएंगे?



