*अनूपपुर* महेश प्रजापति जिला ब्यूरो का रिपोर्ट
अनूपपुर वन रेंज में बीते 13 दिनों से तीन हाथियों का दल डेरा जमाए हुए है। हाथियों के लगातार इलाके में बने रहने से वन विभाग अलर्ट मोड में है। किसी भी तरह के मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए अनूपपुर रेंजर *स्वर्ण गौरव* ने अनोखी पहल शुरू की है।
रेंजर स्वर्ण गौरव अब गांव-गांव जाकर *’गज चौपाल’* लगा रहे हैं। इस चौपाल के जरिए वे ग्रामीणों को हाथियों से बचाव और सुरक्षा के उपाय समझा रहे हैं।
*क्या है ‘गज चौपाल’?*
‘गज चौपाल’ वन विभाग की एक विशेष जागरूकता पहल है। इसके तहत रेंजर खुद गांव पहुंचकर पंचायत, स्कूल और मंदिर के पास लोगों को इकट्ठा करते हैं। वहां हाथियों के व्यवहार, उनके मूवमेंट और बचाव के तरीके आसान भाषा में बताए जाते हैं।
रेंजर स्वर्ण गौरव ने बताया, _”13 दिन से हाथी इसी क्षेत्र में हैं। डराने से काम नहीं चलेगा। लोगों को समझाना होगा। इसलिए हर गांव में चौपाल लगाकर सीधे बात कर रहे हैं।”_
*चौपाल में दी जा रही ये जरूरी हिदायतें*
गज चौपाल में ग्रामीणों को ये बातें खासतौर पर बताई जा रही हैं:
1. *हाथियों से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखें*
2. *शाम 6 बजे के बाद घर से बाहर न निकलें*। जरूरी हो तो समूह में और टॉर्च लेकर जाएं
3. *हाथी को देखने, फोटो-वीडियो बनाने पास न जाएं*। ये सबसे खतरनाक है
4. *शराब पीकर जंगल या खेत में न जाएं*
5. *हाथी दिखते ही हेल्पलाइन या वन विभाग को तुरंत सूचना दें*
6. *पटाखे और तेज आवाज से हाथी को उकसाएं नहीं*
*टीम कर रही है दिन-रात निगरानी*
रेंजर स्वर्ण गौरव के साथ वन विभाग की टीम भी 24 घंटे फील्ड में है। हाथियों के खाने-पीने और सोने की जगह ट्रैक की जा रही है। रात में टीम हाथियों को जंगल की ओर मोड़ने का काम कर रही है।
अभी तक सौभाग्य से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। इसका श्रेय विभाग की समय पर सतर्कता और ग्रामीणों के सहयोग को दिया जा रहा है।
*ग्रामीणों ने की सराहना*
गज चौपाल में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि पहले सिर्फ मुनादी होती थी, लेकिन इस बार अधिकारी खुद आकर समझा रहे हैं। इससे डर कम हुआ है और समझदारी बढ़ी है।


