जैतहरी। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक विधवा एवं असहाय महिला का पुराना कच्चा मकान तुड़वाकर उसे नया मकान बनाने के लिए कहे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत चोर भट्टी के सरपंच, सचिव एवं बिजयरोजगार सहायक द्वारा महिला को भरोसा दिलाया गया था कि वह अपना पुराना मकान तोड़कर नया पक्का मकान बना ले। जैसे ही उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में आएगा, उसे योजना का लाभ दिला दिया जाएगा।
महिला ने पंचायत के जिम्मेदारों के आश्वासन पर भरोसा करते हुए अपना कच्चा मकान तुड़वा दिया और अपनी सामर्थ्य के अनुसार नया मकान बनवा लिया। आरोप है कि मकान तैयार होने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के एवज में महिला से कथित रूप से पैसों की मांग की गई। महिला द्वारा कथित मांग पूरी करने में असमर्थता जताने के बाद उसे योजना का लाभ दिलाने के बजाय लगातार पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
गरीब बिधवा महिला 2 छोटे बच्चे के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट
विधवा महिला का आरोप है कि यदि पंचायत के जिम्मेदारों ने उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन नहीं दिया होता तो वह अपना पुराना आशियाना नहीं तुड़वाती। लेकिन भरोसे में आकर उसने मकान तोड़ दिया और नया मकान बनाने के लिए विधवा के पिता नेअपनी जमा पूंजी लगा दी। अब योजना का लाभ नहीं मिलने से उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जो मकान बना है वह मकान पानी भर जाता है
अपात्रों को लाभ देने का भी आरोप रोजगार सहायक अपने खास रिश्तेदारों को दिया पक्की मकान वालों को मोटी रकम लेकर दिया आवास
महिला ने पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि ग्राम चोरभट्टी में ऐसे कई लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है, जिनके पास पहले से ही पक्के मकान मौजूद थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि योजना के वास्तविक पात्र हितग्राहियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई मामलों में अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
जांच होने पर सामने आ सकती है वास्तविकता
मामले में महिला ने संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का नियमानुसार लाभ दिलाने की मांग की है। साथ ही पंचायत में पूर्व में दिए गए आवासों की भी भौतिक जांच कराने की मांग उठाई गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिला है या अपात्र लोगों को।
यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आ सकता है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक का पक्ष सामने नहीं आया है। संबंधित पक्ष का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।


