जिला ब्यूरो महेश प्रजापति की रिपोर्ट
*जैतहरी, अनूपपुर*
सड़कों पर अब 18 चक्का ट्रेलर अपनी भर क्षमता से भी ज्यादा कोयला लादकर दौड़ रहे हैं। नियम के मुताबिक लिफ्टर उठाकर 14 चक्का में जितना लोड जाना चाहिए, उसे 18 चक्का में ठूंस कर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। नतीजा – आए दिन हादसे।
*ताजा हादसा*
सोमवार को जैतहरी से वेंकट नगर मार्ग पर धनगवां पूर्वी के पास कोयले से भरा एक ट्रेलर पलट गया। ट्रेलर पूरी तरह सड़क पर पलट जाने से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जैतहरी से वेंकट नगर तक घंटों आवागमन ठप रहा। स्कूली बच्चे, मरीज और दफ्तर जाने वाले लोग परेशान होते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग की वजह से ब्रेक फेल और टायर फटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। ट्रेलर की स्पीड भी ज्यादा रहती है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
*यातायात व्यवस्था पर सवाल*
इस पूरे मामले में अनूपपुर जिले की यातायात व्यवस्था “कुंभकर्णी नींद” में सोई नजर आ रही है। न कोई चेकिंग, न ओवरलोड पर कार्रवाई। परिवहन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से ही ये ओवरलोड ट्रेलर बेखौफ दौड़ रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि:
1. *कड़ाई से वजन जांच हो* – जैतहरी और वेंकट नगर में वेइंग ब्रिज पर हर गाड़ी का वजन किया जाए
2. *ओवरलोड पर सख्त कार्रवाई* – लाइसेंस निलंबन और भारी जुर्माना लगाया जाए
3. *रात में गश्त बढ़े* – हादसे वाले पॉइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो
*अधिकारियों से सवाल*
जब लिफ्टर उठाकर 14 चक्का की क्षमता तय है, तो 18 चक्का में भर क्षमता से ज्यादा लोड क्यों? क्या प्रशासन सिर्फ कागजों में नियम बना कर सो रहा है?
जब तक ओवरलोड पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक जैतहरी-वेंकट नगर मार्ग पर ऐसे हादसे और जाम लगते रहेंगे।


