शहडोल/अनूपपुर,
मोहन यादव सरकार के जमाने में महिलाएं नहीं है सुरक्षित, न्याय के लिए दर दर भटकती पीड़ित महिला।

सरकार के द्वारा नारी वंदन योजना का जोर शोर से ढिंढोरा पीटा जा रहा है। प्रचार को सुन देखकर ऐसा लगता है कि अब महिलाएं रात्रि में भी अकेले घूम सकेंगी लेकिन जमीनी हकीकत ठीक इसके उल्टा है।
मामला जैतहरी थाना के ग्राम पंचायत चोरभठी का है। पीड़ित महिला गीता बाई राठौर के साथ उसके जेठ गंदी नियत से पीड़िता के घर का दिवाल तोड़कर मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां की बौछार करते घर में घुसकर मारपीट की गई। इतना ही नहीं बल्कि जेठ पंचराम राठौर के द्वारा पीड़िता का स्तन को भी मसला गया जिसकी लिखित शिकायत पीड़िता थाना जैतहरी में की गई है, थाना जैतहरी के थाना प्रभारी को घटना का वीडियो दिखाया गया किन्तु कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं किया गया है।कार्यवाही नहीं किए जाने पर एसपी अनुपपुर एवं कलेक्टर जिला अनूपपुर को शिकायत किया गया। उनके द्वारा भी कार्यवाही नहीं करने पर एसपी कलेक्टर को कई बार तक सम्पर्क कर कार्यवाही की मांग करती रही है।कई चक्कर काटने के बाद जब पीड़िता को न्याय नहीं मिला तब थक हार कर पीड़िता आज दिनांक 15/6/2026 को श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक सम्भाग शहडोल को शिकायत देते हुए न्याय की गुहार लगाई है। देखना है कि पुलिस महानिरीक्षक सम्भाग शहडोल पीड़िता को न्याय दिलाते हैं या प्रभावशाली लोगों के प्रभाव व दबाव में आकर शिकायत को ठंडे बस्ते में डालकर पीड़िता के उम्मीद पर पुनः पानी फेर दिया जाता है।
पीड़िता का कहना है कि मैं पढ़ी लिखी महिला हूं और स्नातक तक पढ़ाई पूरी कर चुकीं हूं। न्याय के लिए मेरे जैसे पढ़ें लिखे महिला को दर दर ठोकरें खाते घूमना पड़ रहा है तो सर्वसाधारण को कैसे न्याय मिल सकता है यह इस सरकार के रहते महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता का सवाल है।


