*अनूपपुर*
वनमंडल अनूपपुर के जैतहरी रेंज अंतर्गत बीट गढियाटोला के कक्ष क्रमांक *RF 322* में बीती 11 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अवैध उत्खन और परिवहन के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ सीमा से लगे गुजर नाला के पास हो रहे अवैध रेत उत्खनन की गुप्त सूचना पर विभाग की टीम ने मौके पर दबिश देकर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, करीब 1.49 घनमीटर गीली रेत और उत्खन में उपयोग होने वाले औजार जप्त किए।
### कैसे मिली सूचना और बनी टीम
बीट प्रभारी गढियाटोला *नरेन्द्र कुमार पटेल* को सोमवार रात गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि RF 322 क्षेत्र में गुजर नाला से सटे नाले के किनारे अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाहर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
वनमंडलाधिकारी अनूपपुर *डेविड वेंकटराव चनाप* के मार्गदर्शन में और वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी *विवेक मिश्रा* के निर्देशन में तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व परिक्षेत्र सहायक वेंकटनगर *संतोष श्रीवास्तव* ने किया।
टीम में शामिल अधिकारी और कर्मचारी:
– *उप वनक्षेत्रपाल* राजू केवट
– *परिक्षेत्र सहायक* जैतहरी रिचर्ड रेगी राव
– *परिक्षेत्र सहायक* गोरसी शिवचरण पुरी
– *बीट प्रभारी* वेंकटनगर भीखम प्रसाद कोल
– *बीट प्रभारी* उमरिया रमेश सिंह सेंगर
– *बीट प्रभारी* पोडी तरुण सिंह मशराम
– *बीट प्रभारी* गढियाटोला नरेन्द्र कुमार पटेल
– *बीट प्रभारी* ठोडीपाना रामनिवास बैगा
### रात 10 बजे की दबिश
टीम ने रात करीब 10 बजे RF 322 क्षेत्र में गुजर नाला के पास घेराबंदी कर दबिश दी। वन अमले को आते देख मौके पर मौजूद ट्रैक्टर चालक और मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। मौके पर एक लाल रंग का ट्रैक्टर और नीले रंग की ट्रॉली खड़ी मिली, जिसमें लगभग *1.49 घनमीटर गीली रेत* भरी हुई थी। ट्रॉली के पास तगाड़ी और बेलचा भी पड़े थे जिनका उपयोग अवैध उत्खन में किया जा रहा था।
जांच में ट्रैक्टर का चेचिस नंबर *EUOSL1621345SJ* पाया गया।
### जप्ती और अग्रिम कार्रवाई
वन विभाग ने मध्यप्रदेश वन अधिनियम के तहत मौके से ट्रैक्टर, ट्रॉली, रेत और उत्खन उपकरणों को जप्त कर लिया। जप्त वाहन और वनोपज को नियमानुसार परिक्षेत्र सहायक परिसर वेंकटनगर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। फरार आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के गांवों में पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी व स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
### अधिकारियों का बयान
वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी *विवेक मिश्रा* ने बताया कि “सीमा क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में गश्त और बढ़ाई जाएगी।”
परिक्षेत्र सहायक *संतोष श्रीवास्तव* ने कहा कि “प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीट स्तर पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है ताकि इस तरह की घटनाओं पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।”
अनूपपुर जिले की छत्तीसगढ़ सीमा से लगे वन क्षेत्रों में बीते कुछ महीनों से रेत और मिट्टी के अवैध उत्खन की शिकायतें मिल रही थीं। मानसून के बाद नालों में रेत जमा होने के कारण तस्कर रात के समय सक्रिय हो जाते हैं। वन विभाग ने इसे रोकने के लिए रात्रि गश्त तेज की है और ड्रोन व थर्मल कैमरों के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध उत्खन या वन संपदा की तस्करी की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी वन कार्यालय या टोल फ्री नंबर पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन विभाग की सक्रियता का संदेश गया है और अवैध कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।


