शुभ संकेत/रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों (48 घंटे) के लिए प्रदेश के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक, अंधड़ और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 24 जून को मानसून की सक्रियता छत्तीसगढ़ के कुछ और नए हिस्सों में बढ़ गई है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है।
इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने जमकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई:
बड़े बचेली (दंतेवाड़ा): सर्वाधिक 9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
रायगढ़: 8 सेंटीमीटर बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।
सारंगढ़: 6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
अन्य क्षेत्र: महासमुंद, सरायपाली, मालखरौदा और तमनार सहित कई मैदानी व वनांचल क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय दो बड़े सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:
राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक एक मजबूत मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) बनी हुई है।
दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) एक्टिव है।
इन दोनों सिस्टमों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी का आगमन तेजी से हो रहा है, जिससे भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
रायपुर और बिलासपुर का हाल
रायपुर: राजधानी में आज (25 जून) को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बिलासपुर: प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजनांदगांव: यहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम, 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग की अपील: बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने वज्रपात (आकाशीय बिजली) के खतरे को देखते हुए आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:
“खराब मौसम या बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, बड़े पेड़ों, तालाबों और बिजली के खंभों से दूर रहें। सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और सतर्कता बरतें।”
क्या इस खबर की हेडलाइन में कुछ और बदलाव करना है, या किसी खास जिले की जानकारी और जोड़नी है?



